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Telegram-канал kataizaharila - बेनाम शायर💌✍️

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मेरे पोस्ट्स📩 एक नशे की तरह है एक बार आदत पड़ गई तो बिना पढ़े 📖 रह पाना मुश्किल होगा इशारो इशारो में अपनी बातें रखने का दम रखता हूँ मैं शायर📝 तो नही हूँ जनाब मगर सीधा दिल💖 मे कदम रखता हूँ Interact @Nameless_Poet_bot @status_point @nature_is_calling

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बेनाम शायर💌✍️

ज़रूरी तो नहीं जो पसंद हो वही हासिल भी हो,
कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी ज़िंदगी भर खास होते हैं।
कभी-कभी जिसे दिल से चाहो, वो मुकद्दर में नहीं होता,
और जो मुकद्दर में लिखा हो, उसे चाहना ज़रूरी नहीं होता।

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बेनाम शायर💌✍️

कमरे में बे आवाज टहलती है तेरी यादें रात भर....
मेरी नींदें तेरे ख्वाबों की खुशबू से हैरान रहती है..!!

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बेनाम शायर💌✍️

फासलों का फैसला आसान नहीं था
कौन कहता है, दिल परेशान नहीं था
आँसू छिपें थे खामोशी के पीछे
कौन कहता है दर्द का निशान नहीं था
ख्वाब देखा था उम्र भर साथ का
कौन कहता है, कोई अरमान नहीं था
🖤🖤

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बेनाम शायर💌✍️

जब मैंने तुम्हें खोया…
हम दोनों ने ही खोया।

मैंने खोया… क्योंकि तुम ही वो लड़की थीं
जिससे मैंने सबसे ज़्यादा, सबसे सच्चा प्यार किया।

और तुमने खोया… क्योंकि मैं ही वो लड़का था
जिसने तुम्हें सबसे ज़्यादा दिल से चाहा।

लेकिन जितना मैंने खोया…
उससे ज़्यादा तुमने खोया।

क्योंकि मैं शायद किसी दिन
किसी और को उसी तरह प्यार कर पाऊँ…
जैसा मैंने तुम्हें किया था।

पर तुम्हें कोई नहीं कर पाएगा
वैसा प्यार…
जैसा मैंने तुम्हें किया।

जितना मैंने खोया…
उससे ज़्यादा तुमने खोया।

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

यूँ दौर बदमाशियों के चलते रहे रात भर,
वो मेरी बाहों में… पिघलते रहे रात भर..!!💞
@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

कि हां है मुझे इश्क तुमसे जिस्मानी
पर बंद कमरे सा नहीं

हां चाहता हूं मैं तुम्हें छूना पर तुम्हारे माथे पर बिंदी लगाते वक्त तुम्हारे बालों को सवारते वक्त तुम्हारे कानों में झुमके पहनाते वक्त
तुम्हारे हाथों में चूड़ियां पहनाते वक्त
तुम्हारे पैरों में पायल पहनाते वक्त हां..

हां मैं तुम्हें छूना चाहता हूं पर इश्क के सफर में जब तुम छत पर बैठ जाओ तुम्हें गोद में उठा के ले जाऊं उस वक्त
और छूना मैं बस ऐसा चाहता हूं कि तुम पे कोई दाग ना हो और मेरे इश्क का रंग सबको हर जगह दिखे...

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

लेखक को भी निशब्द कर देने का हुनर, सिर्फ़ लेखक की प्रेमिका में होता है !

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बेनाम शायर💌✍️

साँसे है,धड़कने भी है ,
बस दिल तुमको दे बैठें है...!!

अजीब से दोराहे पर है
जिंदा तो है,पर तुम पर मर बैठें हैं...!! ❤️

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बेनाम शायर💌✍️

हम तुम से लड़ते इसलिए भी है क्यूंकि जब,
धागे,
उलझ जाए तो वो और करीब आ जाते है....❤️

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बेनाम शायर💌✍️

तेरे बदन की तराश जैसे कोई प्यासा ख़्वाब,
हर अंग में एक आग है, हर छुअन में एक सैलाब।🖤

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

सावन तो बस नाम का है, असली बरसात तो आपकी नज़रों में है,
ज़ुल्फ़ें जो खुलीं आपकी, तो पूरा होश ही सफ़र में है! ❤️
@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

दिल चाहत कसक यादें मजबूरियां इश्क अश्क
उनसे कहना ये सातों ही समंदर तुम्हें याद करते हैं

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बेनाम शायर💌✍️

तमाम रातों का उजड़ा हुआ सुकूँ,
तेरी बाहों में पल भर को सिमट के मिलता है..❤️

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

लफ़्ज़ों की ज़रूरत किसे है जब तुम्हारे गर्म होंठ मेरे कानों के पास आकर ठहरते हैं,
तुम्हारी हरारत ही मेरे दिल की धड़कनों का सुकून बन जाता है।❤️

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

फ़क़त तेरी मोहब्बत पे यक़ीं इस दिल को आता है।
दहर में अब सिवा तेरे नहीं कोई और भाता है ।।


*दहर = संसार

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बेनाम शायर💌✍️

याद रक्खेगी वो जायका उम्र भर ,
उसके होंठो का पहला तजुर्बा हूँ मैं।।

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बेनाम शायर💌✍️

क्यों होंठ तेरे खामोश हैं,
आओ इन्हें चूम कर अल्फ़ाज़ दे दूं,
तेरे तन्हा लम्हों को,
आओ एक मुलाकात दे दूँ
मैं खुद से हूं भले परेशान,
तुझे खुश रहने का अंदाज़ दे दूं
तुम कल ना जाने कहाँ हो,
आओ तुम्हे मैं अपना आज दे दूं

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

कोई अनजाना सा क्यों अपना लगता है,
ना हाथ छुआ फिर भी वो अपना लगता है।

ना नाम पता है, ना चेहरा जाना लगता है,
फिर भी हर लफ्ज़ उसका अपना लगता है।

अजनबी होकर भी वो पहचाना लगता है,
जैसे सदियों से रिश्ता पुराना लगता है।

उसकी हँसी से दिल को सुकून आता है,
उसकी बातों से मौसम सुहाना लगता है।

ना उसने बाँधा है, ना मैंने बाँधा लगता है,
फिर भी दिल उसी से बंधा-बँधा लगता है।

रूहें पहले मिलती हैं, ये अब जाना लगता है,
इसीलिए वो अनजाना भी अपना लगता है।✨♥️

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

प्रेम का आलम मत पूछ ए मुर्शद, हमारे बच्चे तो रोज़ स्कूल के लिए लेट होंगे...🙈🫠

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बेनाम शायर💌✍️

तुम्हारी हँसी का वह निश्छल स्वर मेरे अंतर्मन में इस प्रकार गूँजता है,
— जैसे किसी देवालय में भोर की पहली पावन घंटी बजी हो।

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बेनाम शायर💌✍️

मर्यादा की पावन परिधि में बंधा मेरा यह प्रेम पूर्ण समर्पण की घोषणा है,
कि तुम मेरे अंतर्मन का वह पावन सत्य हो, जिसे शब्दों की आवश्यकता नहीं।❤️

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बेनाम शायर💌✍️

नाजुक होंठों को दांतो से चबाया जा रहा है,
बहुत देर से मेरा सब्र आजमाया जा रहा है,
बात तो सिर्फ एक गालों के चुम्बन की है,
मगर बात को बेवजह बढ़ाया जा रहा है...

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

प्रिय नखरेबाज़(पड़ोसन) ...
तुम्हारा यह तनिक सा कोप,
और अधरों पर झलकता मौन,
कसम से... हृदय जीत लेता है!

तुम सहस्त्र नखरे दिखाओ प्रिये,
तुम्हारी इस चंचलता को सहन करने का
अधिकार केवल इस बनारसी का है।

— सुनो... अब मन्द-मन्द मुस्कुराकर मान भी जाओ!😊❤️

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बेनाम शायर💌✍️

तुममें और तुम्हारे ख्यालों में बंधे रहना ही मेरी आजादी है..!!🖤

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

तोहके अखिये में राखब, चाँद तारा जइसन,
हम प्यार करब ए प्यारी, फ़िलिम सइयारा जइसन! ❤️

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

कुछ तुमको भी अज़ीज़ थे तुम्हारे सभी उसूल
कुछ हम भी इत्तफाक से जिद के मरीज थे

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

हमरो सजनिया के कारी कारी केसिया,
रुपवा लागेला जईसे चाँद हो...
हँसी के बोलेली जईसे कोईली के बोलिया,
इनके से दुनिया जहान हो...

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

आज अधरों पर तेरे अधर हो गए,
हाथ उड़ने लगे मानो पर हो गए।
तुमने हौले से मेरे बदन को छुआ,
ठंड में भी पसीने से तर हो गए..❤️

@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

अधरों पर यह मौन समर्पण, नयनों में अनुराग प्रिये,
तुम्हारी पावन छुअन से महका, अंतस का हर भाग प्रिये।❤️
@kataizaharila

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बेनाम शायर💌✍️

नयनों ने नयनों को सोंपा, जन्मों का संचित सत्य यहाँ,
तुम समा गए इस अंतर में, अब शेष रहा अस्तित्व कहाँ।❤️

@kataizaharila

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