pyari_shayri | Unsorted

Telegram-канал pyari_shayri - प्यारी शायरी

-

Subscribe to a channel

प्यारी शायरी

जिंदगी ये है के सोया था मुसाफिर थक कर

सो के उठा है तो अब शाम हुई जाती है

जमील मजहरी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

खुद को जीने की तसल्ली मैं बहाने नहीं देता
अब तेरी याद भी आए तो मैं आने नहीं देता

गम से कहता हूं के आओ तुम्हें जाने नहीं दूंगा
और वो आ जाए तो फिर उसको मैं जाने नहीं देता

ये तेरा जर्फ है तो लौट के आया ही नहीं
ये मेरा जर्फ़ है फिर भी तुझे ताना नहीं देता

मैं भी जख्मों की नुमाइश में खड़ा हूं लेकिन
रूह के जख्म कोई मुझको दिखाने नहीं देता

चाहे एक और मोहब्बत ही जरूरी है मगर
दिल तेरे बाद किसी से भी निभाने नहीं देता

Khalilur Rahman Qamar

Читать полностью…

प्यारी शायरी

रंगे हाथों पकड़ लिया मैंने
शाम सूरज चुराने वाली थी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

""एक सीता की रिफाक़त है तो सब कुछ पास है,,,
जिंदगी कहते हैं जिस को राम का वनवास है....""

~हफीज बनारसी ✍

Читать полностью…

प्यारी शायरी

सताया आज मुनासिब जगह पे बारिश ने
इसी बहाने ठहर जाएं उसका घर है यहां
--इकबाल अशहर

Читать полностью…

प्यारी शायरी

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं
सामान सौ बरस का है पल की खबर नहीं
हैरत इलाहाबादी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

जिंदगी तुझ से हर एक सांस पे समझौता करूं
शौक जीने का है मुझ को मगर इतना भी नहीं
-- मुजफ्फर वारसी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

तेरी बाहों की इतनी आदत थी
नर्म तकिया भी यार चुभता है
नाहीद अख्तर बलोच

Читать полностью…

प्यारी शायरी

सिमट आए हैं घर में वीराने
तो किधर जा रहा है दीवाने

दोस्ती, अब गले का हार नहीं
तार टूटा बिखर गए दाने

सुबहदम अपनी अपनी राह लगे
शम्मा के जां निसार परवाने

जिंदगी से निपट रहा हूं अभी
मौत क्या है?, मेरी बला जाने

हफीज जालंधरी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

तुम्हें गुमान है के मैं जानता नहीं कुछ भी

और मुझे खबर है के रास्ता बदल रहे हो तुम

Читать полностью…

प्यारी शायरी

जब ख्वाब नहीं, कोई क्या उम्र का तय करना
हर सुबह को जी उठना, हर रात को मर जाना

सुकरात के पीने से, क्या मुझ पे अयां होता है
खुद जहर पिया मैं ने, तब उस का असर जाना

मोहसिन नक़वी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

जब तेरे नैन, मुस्कराते हैं
जीस्त[जिंदगी] के रंज, भूल जाते हैं
एक हसीं, आंख के इशारे पर
काफ़िले, राह भूल जाते हैं

अब्दुल हमीद अदम

Читать полностью…

प्यारी शायरी

सूरतों पर, निगाह करते हो
कोई तड़पा गई तो, क्या होगा?
--- अब्दुल हमीद अदम

Читать полностью…

प्यारी शायरी

किसी दिन जिंदगानी में करिश्मा क्यों नहीं होता

मैं हर दिन जाग जाता हूं, जिंदा क्यों नहीं होता

Читать полностью…

प्यारी शायरी

मैं नहीं जानता, सीने से लगाने के सिवा
कोई रोता हुआ लौट आए तो, क्या बोलते हैं
--जैन शकील

Читать полностью…

प्यारी शायरी

ग़मों की भीड़ में घुट घुट के मुस्कुराते हुए
मैं मर न जाऊं कहीं दोस्ती निभाते हुए

मैं उसकी कौनसी तसवीर जेहन में रखूं?
सिसक रहा है कोई हौसला बढ़ाते हुए

वो शख्स क्या मेरे हक़ में ज़बान खोलेगा
जो बच रहा है नज़र से नज़र मिलाते हुए

ये बात कौन बताएगा उस मुनाफ़िक़ को
मैं कितनी बार गिरा हूं उसे उठाते हुए

वफ़ा के नाम मिलता है इस क़दर धोका
कि डर रहा हूं तेरी रूह में समाते हुए

यक़ीन खुद पे भी करना बड़ा कठिन है शफ़ीक़
खिसक रही है ज़मीं आसमां बनाते हुए
जमील अख़्तर शफ़ीक़

Читать полностью…

प्यारी शायरी

एक मोहब्बत और वो भी नाकाम मोहब्बत
लेकिन इससे काम चलाया जा सकता है

पानी आंख में भर के लाया जा सकता है
अब भी जलता शहर बुझाया जा सकता है

Читать полностью…

प्यारी शायरी

दामन सब्र भी, हाथों से मेरे छूट गया
अब तो आ पहुंचे हैं, पलकों के किनारे आंसू
इन को नासिर, कभी आंखों से न गिरने देना
मेरी आंखों में, उन्हें लगते हैं प्यारे आंसू

हकीम नासिर

Читать полностью…

प्यारी शायरी

वो रिश्ता और भी मजबूत होता जा रहा है

जिसे हम खत्म करने का इरादा कर रहे हैं

--यास्मीन सहर

Читать полностью…

प्यारी शायरी

लोग कहते हैं मोहब्बत में असर होता है
कौन से शहर में होता है किधर होता है
मुसहफी गुलाम हमदानी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

वही फूल चाक दामन, वही रंग अहले गुलशन

अभी सिर्फ ये हुआ है,के बदल गए शिकारी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

सारा पानी होंटों से छू कर गुलाबी कर गई

वो नदी की मछलियों तक को शराबी कर गई

Читать полностью…

प्यारी शायरी

अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ
जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं
---जव्वाद शेख

Читать полностью…

प्यारी शायरी

गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे
- निदा फ़ाज़ली

Читать полностью…

प्यारी शायरी

तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है
- अदम गोंडवी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

जुल्फ बरहम, संभाल कर चलिए
रास्ता, देख भाल कर चलिए

मौसम गुल है, अपनी बाहों को
मेरी बाहों में, डाल कर चलिए

कुछ न देंगे, तो क्या जियां(बरबाद) होगा
हर्ज क्या है? सवाल कर चलिए

या दोपट्टा, न लीजिए सर पर
या दोपट्टा, संभाल कर चलिए

यार दोजख में हैं मकीम, अदम
खुल्द (जन्नत) से, इंतकाल (मरना) कर चलिए

अब्दुल हमीद अदम

Читать полностью…

प्यारी शायरी

हंस के बोला करो, बुलाया करो
आपका घर है, आया जाया करो

मुस्कराहट है, हुस्न का जेवर
मुस्कराना, न भूल जाया करो

हद से बढ़ कर, हसीन लगते हो
झूठी कसमें, जरूर खाया करो

ता के दुनिया की, दिलकशी न घटे
नत नए, पैराहन(लिबास) में आया करो

कितने सादा मिजाज हो तुम अदम
उस गली में, बहुत न जाया करो

अब्दुल हमीद अदम

Читать полностью…

प्यारी शायरी

कैसे गुजर गई है जवानी न पूछिए
दिल रो रहा है क्यों?, ये कहानी न पूछिए

बरबाद कर दिया है दिल दागदार ने
मेरी कहानी मेरी जुबानी न पूछिए

क्या पूछते हो इश्क में हम कैसे लुट गए
ये हो चुकी है बात पुरानी न पूछिए

अल्ताफ जिसने दुनिया से बेगाना कर दिया
आई थी एक रात सुहानी न पूछिए

Читать полностью…

प्यारी शायरी

काम की बात जो कहनी हो, वह कह लो अकबर
दम में छिन जाएगी ये ताकत गोयाई भी

Читать полностью…

प्यारी शायरी

वो इस खुशफहमी में हैं के हमें मयस्सर नहीं कोई

हम इस कश्मकश में हैं के दिल किस किस को दें!!

Читать полностью…
Subscribe to a channel