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Telegram-канал pyari_shayri - प्यारी शायरी

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प्यारी शायरी

जंग खत्म हो जाएगी
लीडर गरमा गर्मी से मिलेंगे
और रह जाएगी बूढ़ी मां जो
अपने शहीद बेटे की मुंतजिर होगी
वह नौजवान लड़की जो अपनी महबूब
का इंतजार करेगी
और वो बच्चे जो अपने बाप के मुंतजिर होंगे
मैं नहीं जानता के वतन किसने बेचा
लेकिन मैंने देखा कीमत किसने अदा की
महूमद दरवेश

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प्यारी शायरी

दरखत कट गया लेकिन वो राब्ते नासिर

तमाम रात परिंदे जमीं पे बैठे रहे

हसन नासिर

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प्यारी शायरी

जाहिल और बेवकूफ लोग हर उस बात का मजाक उड़ाते हैं जिसकी समझने की सलाहियत नहीं रखते
फीसा गोरिस
 🔥@Pyari_Shayri🔥

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प्यारी शायरी

हुजूर इश्क ने इज्जत खराब की, सो की
हमारा फूल नुमा चेहरा भी मलूल किया
--अफकार अल्वी

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प्यारी शायरी

जो जख्म दिए आपने महफूज हैं अब तक

आदत है अमानत में खियानत नहीं करते

आसिम वास्ती

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प्यारी शायरी

जैसे फूलों के चले जाने के बाद कांटे रह जाते हैं, जवानी भी अपने पीछे बे इंतिहा हसरत छोड़ जाती है।

ज़िंदगी तेज़ रफ़्तारी से गुज़र जाती है और उसकी याद आह अफ़सोस, गर्म आंसूओं और दाग़ हसरत की सूरत में रह जाती है।

कोशिश और सरगर्मी का हासिल नाकामी के सिवा कुछ नहीं निकलता। बाग़ से फूल चुनने वाले के हाथ में कांटे ही चुभे हुए रह जाते हैं।
सायब तबरेजी
  ⭐⭐ @Pyari_Shayri ⭐⭐

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प्यारी शायरी

कहां आके रुकने थे रास्ते कहां मोड़ था उसे भूल जा
वो जो मिल गया उसे याद रख जो नहीं मिला उसे भूल जा
वो तेरे नसीब की बारिशें किसी और छत पे बरस गईं
दिले बे खबर मेरी बात सुन उसे भूल जा
अमजद इस्लाम अमजद

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प्यारी शायरी

दोस्तों🤗
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प्यारी शायरी

मुकम्मल हो गई मेरी कहानी अब मैं चलता हूं
यहीं तक थी मेरी ये जिंदगानी, अब मैं चलता हूं
अलविदा, अलविदा, अब मैं चलता हूं

मेरे सीने को शक़्क़ (फटना) करके न दिल मेरा निकल आए
के बेहद बढ़ चुका है सर से पानी, अब मैं चलता हूं
अलविदा, अलविदा, अब मैं चलता हूं

अगर कुछ देर को मैं और रुक जाऊं तो ये डर है
भड़क उठ्ठेगी जज्बों में रवानी, अब मैं चलता हूं
अलविदा, अलविदा, अब मैं चलता हूं

जमीनी हर मुसीबत काट ली है मैंने पुर आफत
उतर जाए न कोई आसमानी, अब मैं चलता हूं
अलविदा, अलविदा, अब मैं चलता हूं

ठहरना उनके कोचे में मुनासिब अब नहीं
दानिश
न हो जाए उन्हें कुछ बद गुमानी, अब मैं चलता हूं
अलविदा, अलविदा, अब मैं चलता हूं

दानिश आसी

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प्यारी शायरी

बहुत उदास हूं, घर को अभी सजाया नहीं

वो एक शख्स, बहुत दिन हुए के आया नहीं

रशीदा अयां

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प्यारी शायरी

ज्योतिषी देख मिरा हाथ मिरा हाल बता,
मुझ पे भारी तो नही है ये नया साल बता।
.
अब वो रातें,न अलाव, न बुर्जुगों के हुजूम,
ले गया कौन मिरे गांव की चौपाल बता।
.
मुझ को डर है तिरा नाम न आ जाए कहीं
थोड़ा हट बच के मिरा नाम ए आमाल बता।
.
रात दिन जाग के कटती है यहां उम्र तमाम,
गांव वालो को कभी शहर के अहवाल बता।
.
और कब तक तिरे आने का मैं रस्ता देखूं,
तूने जो सोच रखा है वो बहरहाल बता।

हसीब सोज़

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प्यारी शायरी

तो क्या पलट के तेरी सिम्त देख सकते हैं

अगर सताने लगे ख्वाहिशे विसाल हमें

शुमामा उफक

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प्यारी शायरी

फिर नई साल की सरहद पे खड़े हैं हमलोग

राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी

अजीज नबील

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प्यारी शायरी

तो मयस्सर नहीं है, सर्दी है
और दिसंबर की, गुंडा गर्दी है
नज्म झोली है, आंख भी गोया
हम ने फैलाई, उस ने भर दी है

जी ए नज्म

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प्यारी शायरी

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए
~ दुष्यंत कुमार ...

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प्यारी शायरी

एक इमारत मेरे बाहर अभी तोड़ी गई थी

एक मलबा मेरे अंदर कहीं बिखरा हुआ है

मोईद रशीदी

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प्यारी शायरी

मिट्टी में मिला दे के जुदा हो नहीं सकता
अब इस से ज्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता
-- मुनव्वर राना

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प्यारी शायरी

बिला सबब ही मियां तुम उदास रहते हो

तुम्हारे घर से तो मस्जिद का फासला कम है
डा० नवाज देवबंदी

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प्यारी शायरी

सुनो ए मोम की गुड़िया 👋
के अब इस दौड़ के अंदर
कोई मजनू नहीं बनता
कोई रांझा नहीं बनता
कदम दो चार चलने से
सफर सांझा नहीं बनता
तुम्हें बेकार सोचों पर
सुनो रोने का डर कैसा
जिसे पाया नहीं तुमने
उसे खोने का डर कैसा?
🌐@Pyari_Shayri🌐

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प्यारी शायरी

ठहरता नहीं इश्क़ भी वक़्त की तरह,
फ़िसल जाता है एहसास की गिरफ़्त से  ..

विस्मृति

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प्यारी शायरी

थकन को ओढ़ के बिस्तर में जा के लेट गए
हम अपनी कब्र मुकर्रर में जा के लेट गए

तमाम उम्र हम एक दूसरे से लड़ते रहे
मगर मरे तो बराबर में जा के लेट गए

मुनव्वर राना

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प्यारी शायरी

वो भूल बैठा है
मां ने मुझ को था पाला कैसे
वो सतरह अठरह बरस की
मेहनत को पल में तूने भूला दिया है
एक ऐसी लड़की के वास्ते जो तेरी मोहब्बत से बेखबर है
जरा तो सोचो ए मां के बेटे
तबाह जो खुद को यूं कर रहे हो
कहानी आखिर ये कब रुकेगी
तुम्हारे दुःख भी बजा हैं लेकिन
तुम्हारी मां भी तो मर मिटेगी

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प्यारी शायरी

करते हैं, मगर सब से ही ऐसा नहीं करते
उस्ताद को उस्तादी सिखाया नहीं करते

ये सोचना था पहले निकलते हुए तुमको
दौरान सफर यार यूं छोड़ा नहीं करते

🚩🚩🚩🚩🚩
🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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प्यारी शायरी

बारिश
 
आज की बारिश
बिलकुल तुम्हारी यादों सी है
रुक रुक कर
आसमाँ से टपकती हुई
 
जैसे गिरती हैं तुम्हारी यादें
मेरी आँखों से
टप टप😢, टपटप😢...

Jagrati Shukla

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प्यारी शायरी

अब भी मचल क्यों जाता है
उन गलियों की सोचकर
जिनमे करते थे कभी धमाचौकड़ी
खेलते थे लुकाछिपी
उन बाँस के हौदों में
जहाँ लगे थे बिढ़नियों के छत्ते
काटने का भय नहीं
सिर्फ जीतने का जज्बा
यही थे वो मचान जिन पर बैठकर
करते थे आमों की रखवाली
जामुन खाकर रंगीन जीभ को दिखाना
वो बैलगाड़ी के पीछे लटककर चलना
गन्ने के खेतों से गन्ने चुराना
इन खेतों में खेलते थे
वो कपड़े या स्पंज के गेंदों से
पिट्टो खेलना या क्रिकेट
सरपट गुजर रहा है आँखों में
वो बीते हुए पल
बिछड़े हुए चेहरे
अविनाश झा

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प्यारी शायरी

ये अंजुमन ये कहकहे, ये महविशों की भीड़

फिर भी उदास, फिर भी अकेली है जिंदगी

नक्श लायलपूरी

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प्यारी शायरी

मुझ पे नज़र करम कर
मुखातिब हो मुझ से
मुझे ये बता मैं तेरा कौन हूं
इस ताल्लुक़ की क्यारी में उगते हुए फूल का नाम दे
मुझ को तेरी मोहब्बत पे शक तो नहीं
पर मेरे नाम से तेरे सीने में रखी हुई ईंट धड़के तो मानो..
तहजीब हाफ़ी

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प्यारी शायरी

माना तेरी नजर में, तेरा प्यार हम नहीं
कैसे कहें के, तेरे तलबगार हम नहीं
खुद को जलाकर राख बनाया, मिटा दिया
लो अब तुम्हारी राह में, दीवार हम नहीं

नक्श लायलपूरी

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प्यारी शायरी

उसे किसी से मोहब्बत न थी मगर उसने
गुलाब तोड़ के दुनिया को शक में डाल दिया

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प्यारी शायरी

फिर ये बंधन तोड़ न जाना
छोड़ गए तो फिर न आना
छोड़ दिया जो तेरा नहीं है
चला गया जो मेरा नहीं है
याद है पहले रोज कहा था
या तो टूट के प्यार न करना
या फिर पीठ पे वार न करना
जब नादानी हो जाती है
नई कहानी हो जाती है
नई कहानी लिख लाऊंगा
अगले रोज मैं बिक जाऊंगा
तेरे गुल जब खिल जाएंगे
मुझको पैसे मिल जायेंगे

Khalilur Rahman Qamar

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