ये कलियुग है साहब,
यहां अपने ही सिखाते है कि कोई अपना नहीं होता ....
सपना तब खत्म होता है जब हम देखना बंद कर दे....❣
Читать полностью…पढ़ाई की क्वांटिटी नहीं,
पढ़ाई की क्वालिटी महत्वपूर्ण हैं...
अगर रिश्ता जरूरी हैं तो बातों को नजर अंदाज करना बेहतर हैं..!
Читать полностью…जो शख्श जितना खामोश रहता है,
उसकी ईज़्ज़त उतनी ही महफूज़ रहती है !!
प्रकृति का काम तो सिर्फ लोगों को मिलना है। रिस्तों की उम्र क्या होगी ये आपके व्यवहार पर निर्भर करता है।।
Читать полностью…स्वप्न देखो, सोचो, आगे बढ़ो – लेकिन उनके गुलाम मत बनो।
सफलता और असफलता, दोनों को समान रूप से अपनाओ।
अस्थाई आराम के लिए कभी भी अपने अवसरों को न गंवाए।
Читать полностью…सबकी नकल करी जा सकती है.. लेकिन चरित्र ,संस्कार और ज्ञान की नहीं..!
Читать полностью…यदि तुम प्रतीक्षा कर सको और थको नहीं...
Читать полностью…intelligent वो नहीं होते जो school में top करते हैं, intelligent वो होते हैं जो life में
top करते हैं।
यदि तुम शांत रहो, जब चारों ओर
सब अपना धैर्य खो बैठे हों,
और तुम पर ही दोष धर रहे हों।
यदि संघर्ष करते समय
आपका फोन नहीं बजता है
तो जीतते समय फोन
मत उठाइए।!.
जय श्री कृष्णा❣️
कश्चित् कस्यचिन्मित्रं, न कश्चित् कस्यचित् रिपु:।
अर्थतस्तु निबध्यन्ते, मित्राणि रिपवस्तथा ॥
न कोई किसी का मित्र है और न ही शत्रु, कार्यवश ही लोग मित्र और शत्रु बनते हैं ।
जो गाँठ खुल सकती हैं,
उन पर कैंची मत चलाओ।
ध्यान का अर्थ है, भीतर से मुस्कुराना
और सेवा का अर्थ है, इस मुस्कुराहट को औरों तक पहुँचाना...!!
ब्यूरोक्रेसी की महानता इसमें नहीं कि वह कितनी शक्तिशाली है,
बल्कि इसमें कि वह जनता के लिए कितनी जवाबदेह है!
हर व्यक्ति अपनी स्थिति से संघर्ष कर रहा है, इसलिए हर मौन अहंकार नहीं है..!
Читать полностью…लोग बुराई करे
और आप दुःखी हो जाओ
लोग तारीफ करे
और आप सुखी हो जाओ
मतलब
आपके सुख दुःख
का स्विच लोगो के हाथ में है ??
ये जरूरी नहीं कि कुत्ता ही वफादार निकले ...
Читать полностью…औरत पर्दा नहीं करना चाहती और मर्द नजर नहीं झुकाना चाहता मगर अफसोस दोनों को इज्जत की तलाश है..!
Читать полностью…इसीलिए पैसे के पिछे जिंदगी बिता देते है लोग....
Читать полностью…खुद पर भरोसा करने का हुनर सीख लो, सहारे कितने भी भरोसेमंद हों, एक दिन साथ छोड़ ही जाते हैं..!
Читать полностью…जिंदगी खुद की है तो
उम्मीद भी खुद से रखिए ...!
अंधेरों से डरकर, रौशनी खोजूंगा,
हार की कड़ियों में, जीत पिरोऊंगा।
कुदरत का दस्तूर देखिए, इम्तिहान हर किसी का होता है,
कभी बाज़ बाज़ी मारता है, तो कभी शेर की दहाड़ गूंजती है!