1969
तलब करें तो ये आँखें भी इन को दे दूँ मैं मगर ये लोग इन आँखों के ख़्वाब माँगते हैं ~ अब्बास रिज़वी @sayarilover
मेरे ख्वाबों में आना आपका कसूर था…!
आपसे दिल लगाना हमारा कसूर था…!!
आप आए थे जिन्दगी में पल दो पल के लिए…!
आपको जिन्दगी समझ लेना हमारा कसूर था…
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
कमाल का ताना दिया भगवान नें मंदिर मे
की...
हर रोज़ माँगने आ जातें हों कभी मिलने भी आ जाया करों
✍🏻~अज्ञात
@sayatilover
देखो ऐसा हैं...
हम बेफिक्रे हम आज से नहीं है
नवाबी का लेना देना ताज़ से नहीं है बचपन में कहते थे, ख़ुद कमाओगें तों समझ आयेगा
पैसा कमाना कितना मुश्क़िल है कमाते कैसे है, समझ आया मगर अंदाज अपना आज भी वही है...
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
इश्क़ तो मेरा महफूज़ है तुझ में... ज़िस्म अलग है पर रूह
है तुझमें,
यादें और शमाँ भरी हैं बस इस दिल में... बस तू है तू है और
सिर्फ तू है मुझमे।
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
हक़ीक़त को तलाशना पड़ता हैं अफ़वाह तो घर बैठे ही आ जाती हैं..
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
अपनी गुर्बत में जिसे समझा मसीहा मैंने,
वो भी अल्लाह के ही दर का सवाली निकला।
~अली हसनैन
@sayarilover
छलकते जाते है मंजर, तमाम आँखों से,
दरीचा याद का शायद, खुला रेह गया होगा।
~ नामालूम
@sayarilover
कुछ इश्क़ का इज़हार कर रहे है ,
कुछ इश्क़ में खुद को बर्बाद कर रहे है..
हमे दुबारा इश्क़ न हो..
हम तो बस यही फ़रियाद कर रहे है..!!
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
तू अब बस एक घटना है
जो हमेशा याद रहेगी..!💔
-unknown
@sayarilover
मेरे अल्फाजों के दायरे में सिमटा हुआ है बहुत कुछ,
इज़हार हैं इक़रार है और बिखरा हुआ है बहुत कुछ ..!
-unknown
@sayarilover
ख्वाहिशों के शोरगुल में...
दिल बहरा सा खड़ा है...
@sayarilover
यूं तेरा मुझसे खफा हो जाना,
जैसे फूल से खुशबू का जुद्दा हो जाना..!!
@sayarilover
अजीब दास्ता है महोब्बत की भी..
हम उसे खोने से डरते है...
जिसे हम कब का खो चुके है..❣️
@sayarilover
वो मेरा नही फिर भी मेरा है,
ये कैसी उम्मीद ने मुझे घेरा है..!!✍️
@sayarilover
बेरंग सी जिंदगी,
रंगीन ख्याब हो तुम !
तन्हा शामें,
खूबसूरत पलों की याद हो तुम .......
@sayarilover
गजब की दीवानगी है तुम्हारी मोहब्बत में…!!
तुम हमारे नहीं फिर भी हम तुम्हारे हो गए
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
जिस मजबूत नींव पर टिके है पैर मेरे,
वो कुछ और नहीं पिताजी के कंधे है।
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
कभी गालों पर तो कभी आँखों पर,
अब मैं होश संभालू या उसकी जुल्फ़े...!😍😍
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
नफरते लाख मिली पर
मोहब्बत ना मिली
जिन्दगी बीत गयी पर
राहत ना मिली
तेरी महफिल में हर एक
को हँसता देखा
एक में था जिसे हंसने
की इजाजत ना मिली
✍🏻~अज्ञात
@sayarilover
बुझ गई शम्मअ की लौ, किसी वजह से तो कया,
अपनी मुस्कान से, मेहफ़िल को मुनव्वर कर दो।
~ नामालूम
@sayarilover
मेरे पैरों की मसाफत के मुक़द्दर में नहीं,
वही रास्ता जो तेरे घर की तरफ जाता है।
~ वसीम बरेलवी
@sayarilover
किसी ने बड़े कमाल की बात कहीं है घमण्ड ना कर जिंदगी में तक़दीर बदलती रहतीं हैं शीशा वही रहता है तस्वीर बदलती रहतीं हैं
✍️~Unknown
@sayarilover
तेरा ज़िक्र...तेरी फ़िक्र.तेरा एहसास... तेरा ख्याल..!!
तू खुदा नही... फिर हर जगह मौजूद क्यूँ है...?
-Unknown
@sayarilover
ॐ गजाननं भूंतागणाधि सेवितम्,
कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम्।
उमासुतम् शोक विनाश कारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्॥
आपको सपरिवार श्री गणेश चतुर्थी की बहुत बहुत शुभकामनाएं।
गणपति बप्पा मोरया।
कुछ एहसास ऐसे भी हैं...
जिन्हें दिल ❤ में...
रखने की इजाजत तो है...
मगर... जिंदगी में... शामिल होने की नहीं...
@sayarilover
दर्द को सजा कर पेश करना पड़ता हैं...!
यूँ ही नहीं लोग,महफ़िलों में तालियाँ बजाते हैं.!
@sayarilover
मेरी यादों की कश्ती उस समुन्दर में तैरती है...
जहां पानी सिर्फ और सिर्फ मेरी आंखो का होता है....!!
@sayarilover
ज़िंदगी जीने की ख्वाहिश है अब,
मरते मरते तो मुझे एक ज़माना हो गया...!
@sayarilover
ज़िन्दगी ऐसे मुकाम पे है
जहाँ जिन्दा रहना ही कामयाबी है...
@sayarilover
मैं फ़क़त एक ख़्वाब था तेरा
ख़्वाब को कौन याद रखता है..!!
@sayarilover